

KBC 17 के ग्रैंड फिनाले में बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने अमिताभ बच्चन के सामने अपने संघर्ष का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि ग्रेजुएशन के बाद सीधे बिज़नेस जॉइन करने की इच्छा थी, लेकिन पिता आदित्य विक्रम बिड़ला ने साफ कह दिया—
“CA पूरा किए बिना कंपनी में एंट्री नहीं मिलेगी।”
मुख्य बातें:
•CA को लेकर हिचकिचाहट के बावजूद पिता की शर्त मानी
•दादाजी और मां का समर्थन: “रोकर करो या हंसकर, करना तो पड़ेगा”
•CA के साथ लंदन बिज़नेस स्कूल से MBA
•1995 में 28 साल की उम्र में ग्रुप की कमान संभाली
•हनुमान चालीसा पढ़कर जुटाई हिम्मत, ग्रुप को ग्लोबल विस्तार
•KBC में जीते ₹25 लाख चैरिटी को दान
अमिताभ बच्चन ने इसे “नीचे से शुरू करने की मिसाल” बताया। दर्शकों ने इस कहानी को जबरदस्त मोटिवेशनल करार दिया।




