इंदौर दूषित पेयजल प्रकरण पर सख्त कार्रवाई, नगर निगम आयुक्त-अपर आयुक्त को नोटिस
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर अपर आयुक्त हटाए गए, जल वितरण व्यवस्था सुधारने के आदेश

इंदौर | इंदौर में सामने आए दूषित पेयजल प्रकरण को लेकर राज्य शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सुबह मुख्य सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मामले में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंदौर नगर निगम आयुक्त एवं अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटाने और उन्हें प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम में रिक्त आवश्यक पदों पर तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और जल वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।




